तब इन सारी बातों के लगभग एक साल बाद। न्यू यॉर्क टाइम्स के पिक्चर एडिटर नैन्सी ब्रूस्की ने 2 अप्रैल 1994 के दिन कॉर्टर को फोन कर सूचित किया कि उसकी इस नायाब तस्वीर ने उसे फीचर फोटोग्राफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार दिला दिया है। 23 मई 1994 के दिन कार्टर को कोलंबिया यूनिवर्सिटी के लॉ मेमोरियल लाइब्रेरी में पुरस्कार से नवाज़ा गया।
सम्मान समारोह के लगभग दो महीने बाद ही कॉर्टर ने खुदकुशी कर ली। वह अत्यधिक तनाव में थे। पुरस्कार मिलने की खुशी के बजाय फोटो पर मिल रहे तानों से वह बुरी तरह परेशान थे। मरने के कुछ रोज़ पहले उन्होंने अपने दोस्तों के सामने कुबूल किया था कि वह उस बच्ची की मदद करना चाहते थे लेकिन उस समय सूडान में संक्रमित बीमारियाँ फैली थी और पत्रकारों और फोटोग्राफरों को घायल और दम तोड़ते सूडानी लोगों से दूर रहने का आदेश यूएन (संयुक्त राष्ट्र) ने दिया था।
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